'सरकार अर्थव्यवस्था पर आलोचना नहीं सुनना चाहती': पांच बड़ी ख़बरें

उद्योगपति राहुल बजाज के बाद बायोकॉन की प्रबंध निदेशक किरण मजूमदार ने सरकार की आलोचना की है. उनका कहना है कि सरकार कोई आलोचना सुनना नहीं चाहती है.

किरण मजूमदार शॉ ने कहा कि उम्मीद है कि सरकार खपत और वृद्धी को पटरी पर लाने के लिए भारतीय उद्योग जगत से संपर्क साधेगी. अभी तक हम सब से दूरी बनाकर रखी जा रही है. सरकार अर्थव्यवस्था को लेकर कोई आलोचना नहीं सुनना चाहती.

इससे पहले एक कार्यक्रम में जानेमाने उद्योगपति और पूर्व सांसद राहुल बजाज ने भी डर के माहौल की बात कही थी.

उन्होंने कहा था कि अगर सरकार की खुले तौर पर आलोचना की जाए तो इतना विश्वास नहीं है कि वो सरकार को पसंद आएगी. साथ ही उन्होंने मॉब लिचिंग और सासंद साध्वी प्रज्ञा के नाथूराम गोडसे को लेकर दिए बयान पर भी उचित कार्रवाई ना किये जाने पर चिंता जताई थी.

इसके बाद से इस मामले पर विवाद खड़ा हो गया और राजनीतिक बयानबाजी होने लगी.

कार्यक्रम में मौजूद गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल बजाज को जवाब देते हुए कहा था कि किसी को भी किसी से डरने की ज़रूरत नहीं है और जैसा कि आप कह रहे हैं कि डर का एक ऐसा माहौल बना है तो हमें इस माहौल को बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए.

अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी राहुल बजाज की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जाहिर की है.

उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि राहुल बजाज ने जिन मुद्दों को उठाया, उनका जवाब गृह मंत्री अमित शाह ने दिया. सवाल/ आलोचनाएं, सबको सुना जाता है, उनका जवाब दिया जाता है. अपनी धारणा फैलाने की जगह जवाब पाने के और भी बेहतर तरीके हैं. ऐसी बातों से राष्ट्रीय हित को चोट पहुंचती है.

हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के साथ कथित गैंगरेप और हत्या मामले को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने मामले की तेज़ी से सुनवाई के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का आदेश दिया है.

साथ ही उन्होंने पीड़िता के परिवार को हर आवश्यक मदद मुहैया कराने का वादा भी किया है. चंद्रशेखर राव ने घटना के बाद पहली बार सार्वजनिक बयान देते हुए इसे वीभत्स बताया और गहरा दुख प्रकट किया. उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए.

हैदराबाद में एक महिला का जला हुआ शव मिला था जिनकी गैंगरेप के बाद हत्या होने की आशंका जताई जा रही है. शव को जला दिया गया था.

पुलिस ने इस मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है. उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया है.

घटना के बाद लोगों ने शादनगर पुलिस स्टेशन के बाहर जमकर विरोध पदर्शन भी किया और अभियुक्तों को फांसी की सजा देने की मांग की.

दिल्ली में शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ सिख गुरद्वारा प्रबंधन समिति के अन्य सदस्यों ने रविवार को दिल्ली में औरंगजेब लेन के साइनबोर्ड को काला कर दिया.

उन्होंने मुस्लिम शासक औरंगजेब का नाम सड़कों पर लगे साइनबोर्ड और किताबों से हटाने की मांग की.

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, ''लोगों को गुरु तेग बहादुर के शहीद दिवस पर औरंगजेब के खूनी इतिहास को याद करने की ज़रूरत है.''

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्यों को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि औरंगजेब के नाम पर कोई सड़क न हो और कोई स्कूल व कॉलेज को उनके बारे में नहीं पढ़ाना चाहिए.

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